दाखिले बंद, 20 हजार युवा वंचित

महाविद्यालयां में दाखिले लगभग हो चुके है। दाखिले से वंचित 20000 हजार से ज्यादा युवा सडक पर भटकने को मजबर हैं। स्थानीय कॉलेजों में सीटे बढ़ाने की मांग उठ रही है। उच्चतर शिक्षा विभाग ने इस तरफ अभी तक ध्यान नहीं दिया गया। युवाओं के चेहरों पर चिंता की लकीरें खिंचती जा रही हैं। अकेल महाराजा नामपालसिंह राजकीय महाविद्यालय में बीए’प्रथम वर्ष में 720 सीटों के लिए संढे नो हजार विद्यार्थियों ने आवेदन किया।

Admission Closed | MPS INTERNATIONAL

इसी प्रकार दूसरे महाविद्यालयों मैं हजारों विद्यार्थियों ने आवेदन किया, लेकिन महाविद्यालय वाइज पांच सौ से छह सौ विद्यार्थियों का ही दाखिला हो पाया। बाकी युवा का क्या होगा अभीं तक कृ्छ नहीं पता। हजारों विद्यार्थियों के महाविद्यालयो में दाखिले से वंचित रहने के बाद उनमें गस्सा बना है। अनेक का कहना है कि कोरोना के चलते दूसरे जिलों में जा नहीं सके। यहां पर सीटें कम होनी के चलते उनका नंबर नही आ सका। खास बात यह रही है कि 82 फीसदी तक अंक लेकर भी दखिले से वंचित हैं।

सीटें नहीं बढ़ाई तो भविष्य से खिलवाड़ : एबीवीपी

जासं, भिवानीः अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भिवानी के कार्यकर्ताओं ने वीरवार को जिला उउपायुक्त को शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंप कॉलेजों में फीसद सीटे बढ़वाने की मांग की इस दौरान अभाविप के कार्यकर्ताओं ने चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के गेट से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक पैदल प्रदर्शन मार्च निकाला व शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना रोष जताया।

एमएनएस कालेज में 720 सीटोँ पर 9500 आवेदन बीए में 10 हजार छात्र महरूम

शिक्षा जब मूल अधिकार है तो युवाओं के महाविद्यालयों में दाखिले भी सुनिश्चित किए जाएं । हजारों विदयार्थी दारिखले से वंचित रह गए हैं। सरकार को चाहिए कि तुरंत प्रभाव से सीटे बढ़ाएं जिससे कि दाखिले से वंचित रहे विद्यार्थियों को दाखिला मिल सके।

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