अमेजन ने भारतीय कानून का किया है उल्लंघन

नई दिल्ली: कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने अमेरिका की अग्रणी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन पर आरोप लगाया है कि उसने भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) नीति और विदेशी मुद्रा प्रब्बंधन अधिनियम (फेमा) का उल्लंघन किया है। कैंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयृष्ष गोयल को लिखे पत्र में कैट के महासचिव प्रवीण। खंडेलवाल ने इसके लिए अमेजन पर भारी जुर्माना लगाने की मांग की। है। अमेजन ने हालांकि आरपों को नकारते हुए कहा है कि कंपनी भारत में लागू सभी नियमों का बखूबी पालन करती आई है।

अमेजन पर लगे आरोप में कहा गया है कि भारत में समारा कैपिटल के अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (एआइएफ) के जरिये कंपनी ने मोर रिटेल लिमिटड में 4,200 करोड़ रुपये का निवेश कर रखा है। मोर रिटेल एक मल्टीग्रांड रिटेल कंपनी है, जब्धकि अमेरिकी कंपनी ने यह दिखाने की कोशिश की है कि उसने भारत में अभी तक मल्टीग्रांड रिटेल कारोब्बार में कदम नहीं सखा है। कारोब्बारी संघ ने कहा कि यह देश मे एफडी आइ नीति समेत फेमा कानून का सरासर उल्लंघन है।

खंडेलवाल ने कहा कि सरकार की तरफ से कार्रवाई नहीं होने की दशा में उद्योग संघ अदालत का दरवाजा खटखुटाएगा। इस पर अंतिम निर्णय लेने के लिए कैट की शुक्रवार को बैठक भी बुलाई गई है। अमेजन के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की माँग करते। हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए कारोबारी सड्कों पर उतरेंगे। कैट ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय को अमेजन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

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