विडंबना ओलावृष्टि के 13 माह बाद भी किसानों को नहीं मिला 17 करोड़ का मुआवजा

Farmers Ironically, even after 13 months of hailstorm, farmers did not get
Farmers Ironically, even after 13 months of hailstorm, farmers did not get

Farmers बाढड़ा क्षेत्र के 30 गांवों के किसानों को 13 माह पूर्व हुई ओलावृष्टि का मुआवजा आज तक नहीं मिला है। राजस्व विभाग ने उपमंडल के 30 गांवों के प्रभावित किसानों के लिए 17 करोड़ का मुआवजा तो जारी कर दिया लेकिन 20 फीसद किसानों को ही राशि वितरित कर पल्ला झाड़ लिया। मुआवजा तैयार करने वाली टीमों द्वारा प्रत्येक किसान को कुल भूमि की बजाय केवल पांच एकड़ तक का ही मुआवजा जारी करने से अन्य पात्र किसानों में रोष है। पिछले पांच वर्ष में चार बार ओलावृष्टि, तीन बार बेमौसमी बरसात व सफेद मक्खी के प्रकोप से किसानों को उत्पादन नहीं मिल पा रहा है। गांव उमरवास, जीतपुरा, भारीवास, काकड़ौली हट्ठी, काकड़ौली हुकमी, सरदारा, गोपी, जगरामबास, हुई, डालावास, जेवली इत्यादि 30 गांवों की सरसों व गेहूं की फसलें बर्बाद हो गई थी।

भाकियू ने करवाया अवगत

Farmers एक माह पूर्व भी भाकियू की मांग को लेकर पूर्व विधायक सुखविद्र मांढी व जजपा जिलाध्यक्ष नरेश द्वारका ने एसडीएम शंभू राठी को अवगत कराया था। राजस्व विभाग ने इसके बाद नुकसान की श्रेणी में अलग-अलग फीसद के आधार पर पैमाना तैयार किया। इसके तहत 25 से 33 फीसद तक प्रति एकड़ 5400 रूपये, 33 से 50 तक 5500 रूपये, 50 से 75 तक 7000 रूपये, 75 से 100 तक 10 हजार रूपये मुआवजा दिया जाएगा। एसडीएम शंभू राठी के दिशानिर्देश पर लगभग 12 सौ किसानों के खातों में मुआवजा राशि भेज दी। लेकिन अब तक पांच एकड़ तक के ही किसानों को मुआवजा श्रेणी में शामिल किया गया है। किसानों ने बताया कि जब उनके पास छह एकड़ भूमि है तो वह केवल पांच एकड़ तक का मुआवजा कैसे ले सकते हैं।

ऑडिट के कारण रूका कार्य : एसडीएम

Farmers बाढड़ा बाढड़ा क्षेत्र के 30 गांवों के किसानों को 13 माह पूर्व हुई ओलावृष्टि का मुआवजा आज तक नहीं मिला है। राजस्व विभाग ने उपमंडल के 30 गांवों के प्रभावित किसानों के लिए 17 करोड़ का मुआवजा तो जारी कर दिया लेकिन 20 फीसद किसानों को ही राशि वितरित कर पल्ला झाड़ लिया।

Farmers बाढड़ा क्षेत्र के 30 गांवों के किसानों को 13 माह पूर्व हुई ओलावृष्टि का मुआवजा आज तक नहीं मिला है। राजस्व विभाग ने उपमंडल के 30 गांवों के प्रभावित किसानों के लिए 17 करोड़ का मुआवजा तो जारी कर दिया लेकिन 20 फीसद किसानों को ही राशि वितरित कर पल्ला झाड़ लिया। मुआवजा तैयार करने वाली टीमों द्वारा प्रत्येक किसान को कुल भूमि की बजाय केवल पांच एकड़ तक का ही मुआवजा जारी करने से अन्य पात्र किसानों में रोष है। पिछले पांच वर्ष में चार बार ओलावृष्टि, तीन बार बेमौसमी बरसात व सफेद मक्खी के प्रकोप से किसानों को उत्पादन नहीं मिल पा रहा है। गांव उमरवास, जीतपुरा, भारीवास, काकड़ौली हट्ठी, काकड़ौली हुकमी, सरदारा, गोपी, जगरामबास, हुई, डालावास, जेवली इत्यादि 30 गांवों की सरसों व गेहूं की फसलें बर्बाद हो गई थी।

भाकियू ने करवाया अवगत

एक माह पूर्व भी भाकियू की मांग को लेकर पूर्व विधायक सुखविद्र मांढी व जजपा जिलाध्यक्ष नरेश द्वारका ने एसडीएम शंभू राठी को अवगत कराया था। राजस्व विभाग ने इसके बाद नुकसान की श्रेणी में अलग-अलग फीसद के आधार पर पैमाना तैयार किया। इसके तहत 25 से 33 फीसद तक प्रति एकड़ 5400 रूपये, 33 से 50 तक 5500 रूपये, 50 से 75 तक 7000 रूपये, 75 से 100 तक 10 हजार रूपये मुआवजा दिया जाएगा। एसडीएम शंभू राठी के दिशानिर्देश पर लगभग 12 सौ किसानों के खातों में मुआवजा राशि भेज दी। लेकिन अब तक पांच एकड़ तक के ही किसानों को मुआवजा श्रेणी में शामिल किया गया है। किसानों ने बताया कि जब उनके पास छह एकड़ भूमि है तो वह केवल पांच एकड़ तक का मुआवजा कैसे ले सकते हैं।

ऑडिट के कारण रूका कार्य : एसडीएम

एसडीएम शंभू राठी ने बताया कि एसबीआई बैंक में आडिट होने के कारण कुछ समय वितरण कार्य रोक दिया गया है। उन्होंने बैंक को पत्र जारी कर तुरंत प्रभाव से चयनित किसानों के खातों में राशि भेजने को कहा है। सियासी दलों के नेताओं ने उठाए सवाल

पूर्व कैबिनेट मंत्री किरण चौधरी ने कहा है कि वर्ष 2015 में भी भाजपा ने ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा देने से इंकार कर दिया था। जिस पर उन्होंने कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी को बाढड़ा, खोरड़ा व लाड में बुलाया तब सरकार की नींद खुली और 28 करोड़ का मुआवजा वितरित किया था। यह मुआवजा भी सरकार जल्द वितरित करे।

इनेलो जिलाध्यक्ष विजय पंचगावां व अन्य पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार को एक सप्ताह तक किसानों की सभी समस्याओं का समाधान न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इनेलो हलकाध्यक्ष महेंद्र शास्त्री, खाप सचिव दलीप सिंह पूनिया, कार्यालय प्रभारी रामोतार बाढड़ा, मीडिया प्रभारी विकास मिश्रा, जिला प्रवक्ता संत श्यामकलां व जिलाध्यक्ष कांता श्योराण ने भी मुआवजा वितरण की अपील की है।

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