हरियाणा के इन 4 जिलों के किसानों को होगा फायदा, सिंचाई की नई योजना तैयार

चंडीगढ़ | हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि खेतो मे पानी पहुंचाने के उद्देश्य से एक नई माइक्रो इरिगेशन योजना शुरू की गई है. इस योजना के पहले चरण में 4 जिले भिवानी, दादरी, महेंद्रगढ़ और फतेहाबाद को शामिल किया गया है.

सिंचाई प्रणाली के लिए जल्द ही पोर्टल बनाया जाएगा

नाबार्ड ने भी इस योजना पर सब्सिडी देने की सहमति बनाई है. उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत कम से कम 25 एकड़ या इससे अधिक जमीन का कलस्टर बनाने वाले किसानों को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के जरिए पानी मुहैया करवाया जाएगा. इसके लिए जल्द ही एक पोर्टल बनाया जाएगा. इच्छुक किसान आवेदन कर सकेंगे. मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक द्वारा किसानों की आय में वृद्धि के लिए कृषि उत्पादों का समूहन विषय पर आयोजित स्टेट क्रेडिट सेमिनार 2021 22 मे शिरकत की. इस सेमिनार में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जयप्रकाश दलाल तथा सहकारिता मंत्री डॉक्टर बनवारीलाल बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्टेट फोकस पेपर 2021 -22 का भी विमोचन किया.

आत्मनिर्भर भारत के लिए की जा रही है नई योजनाओं की शुरुआत

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और राज्य की अर्थव्यवस्था को कोविड के कारण बहुत बड़ा झटका लगा है. केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों के लिए 20 लाख करोड रुपए का जो राहत पैकेज दिया है उसमें से हमें कम से कम 80000 करोड़ रुपए की परियोजना प्रदेश में लेकर आनी है. साथ ही उन्होंने बताया कि हमें कोई भी योजना बनाते समय गरीब से गरीब व्यक्ति को ध्यान में रखना पड़ता है. क्योंकि जब तक पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक लाभ नहीं पहुंच पाता,तब तक हमारा उद्देश्य पूरा नहीं होता. उन्होंने कहा कि समाज में 2 वर्ग है. एक वर्ग तो आत्मनिर्भर है जबकि, दूसरा वर्ग ऐसा है जिसको सहायता की जरूरत है. इस वर्ग की सहायता के लिए न केवल सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही है, बल्कि समाज के उस आत्मनिर्भर वर्ग से भी उम्मीद की जा रही है कि वह इस वर्ग की सहायता करें. उन्होंने कहा कि खेती से जुड़ी हर साई गतिविधि की लिस्ट बनाकर इसके लिए अलग से योजना बनाई जाए, एक जिला एक उत्पाद के हिसाब से करें किया जाए.

400- 500 गांव में नहीं है बैंक की शाखा

इसके अलावा उन्होंने बताया कि लक्ष्य लंबी अवधि का नौकर 1 साल के लिए निर्धारित किया जाना चाहिए. उन्होंने बैंक प्रतिनिधियों से मुखातिब होते हुए कहा कि लगभग 400- 500 गांव में किसी भी बैंक की शाखा नहीं है. ऐसे में गांवों में भी बैंकिंग सुविधा पहुंचाने की आवश्यकता है. इसके लिए पांच गांवों पर एक मोबाइल वैन की व्यवस्था की जा रही है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से शासन स्थापित करने की दिशा में अनेक ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. इस कड़ी में प्रदेश के तकरीबन 7000 गांवों में से 42 को छोड़कर सभी गांवों के राजस्व रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण का कार्य पूरा हो चुका है और इनके लिंक भी मुहैया करवा दिए गए हैं.

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