प्रत्येक गांव में प्रतिदिन कम से कम पचास परिवार पहचान-पत्र अपडेट करवाएं जाए

परिवार पहचान पत्र हरियाणा आवेदन फॉर्म 2020 | Haryana Parivar Pehchan Patra  Kya Hai

एडीसी अतिरिक्त उपायुक्त राहुल नरवाल ने राजस्व एवं पंचायत अधिकारियों को दिए निर्देश:


अतिरिक्त उपायुक्त एवं जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी राहुल नरवाल ने राजस्व एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देश-दिए कि वे परिवार पहचान-पत्र बनाने के कार्य में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि परिवार पहचान-पत्र बनाने का कार्य प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार निर्धारित समय में पूरा करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक गांव में प्रतिदिन कम से कम पचास परिवार पहचान-पत्र बनाने का कार्य करवाया जाए और उसकी रिपोर्ट जिला मुुख्यालय द्वारा भेजी जाए।

श्री नरवाल सोमवार को स्थानीय लघु सचिवाल परिसर स्थित डीआरडीए सभागार में परिवार पहचान-पत्र बनाने संबंधित राजस्व और पंचायत विभाग के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में निर्देश देते हुए एडीसी श्री नरवाल ने कहा कि परिवार पहचान-पत्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाएं परिवार पहचान-पत्र के साथ जोड़ी गई हैं।

उन्होंने बताया कि परिवार पहचान-पत्र के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को समयानुसार स्वत: ही मिल जाएगा, जिसमें पेंशन संबधित योजनाएं व वोटर कार्ड बनाना आदि भी प्रमुख रूप से शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जिला में एक लाख 37 हजार 846 परिवार पहचान-पत्र अपडेट हो चुके हैं जबकि एक लाख 33 हजार 871 शेष हैं।

उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर तक परिवार पहचान-पत्र बनाने के कार्य को पूरा करना है। इस कार्य के स्वयं मुख्यमंत्री समय-समय पर समीक्षा करते हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि परिवार पहचान-पत्र बनाने के कार्य में महिला एवं बाल विकास विभाग को भी जरूरी निर्देश दिए गए हैं।

जिन परिवारों के परिवार पहचान-पत्र अपडेट नहीं हुए हैं, उनकी सूची आंगनबाड़ी सेंटरों पर दी गई है ताकि महिला एवं बाल विकास विभाग की महिला कर्मचारी उन परिवारों की महिलाओं को परिवार पहचान-पत्र बनवाने के लिए कहें।

अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि राजस्व और पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके कार्यालय में प्रमाण-पत्र या अन्य जमीन संबंधित कार्य के लिए आने वाले लोगों को पहले परिवार पहचान-पत्र बनवाने के बारे में कहें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांवों में कम से कम पचास लोगों के परिवार पहचान-पत्र प्रतिदिन अपलोड करवाएं, इसके लिए पटवारी व ग्राम सचिव के लिए

प्रतिदिन के टारगेट तय करें। इस कार्य में पंचायत समिति व पंचायत प्रतिनिधियों का सहयोग लें। उन्होंने कहा कि परिवार पहचान-पत्र के बारे में लोगों को जागरूक करें कि जब वे कॅामन सर्विस सेंटर पर जाएं तो अपने साथ आधार कार्ड, परिवार के मुखिया का बैंक खाता नंबर जरूर साथ लेकर जाएं। इस दौरान जिला योजनाकार डॉ. भागीरथ ने इस कार्य को प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस दौरान जिला के सभी संबंधित राजस्व व पंचायत विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

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