प्राइवेट स्कूलों को सरकार देगी तीन करोड़ रूपए, जाने क्यों

चंडीगढ़ । शिक्षा के अधिकार (RTI) के तहत प्राइवेट स्कूलों में दाखिले के दौरान एंट्री कक्षा से आठवीं तक 25 प्रतिशत कोटा EWS कैटेगरी के बच्चों को दिया जाता है. इसमें प्राइवेट स्कूल इन बच्चों से किसी तरह को फीस वसूल नहीं करते हैं, उनकी फीस की अदायगीं सरकार प्रशासन की तरफ से अदा की जाती है.

शिक्षा विभाग ने तैयार की स्कूलों की सूची

यूटी में लंबे समय से शिक्षा विभाग ने इन सीटों के लिए अदायगी नहीं की थी. विभाग ने 2010-11 से 2017-18 तक प्राइवेट स्कूलों EWS अदायगी की योजना तैयार की है. अधिकारियों के अनुसार लंबे समय से प्राइवेट स्कूलों को पिछड़े वर्ग की सीटों के लिए अदायगी नहीं करने का कारण है कि पहले केवल एंट्री कक्षा की फीस का ही सरकार भुगतान करती थी, लेकिन अब एंट्री कक्षा से आठवीं तक बच्चे की फीस का वहन सरकार उठाएगी. शिक्षा विभाग ने सभी कक्षाओं और स्कूलों की सूची तैयार कर ली है. 2010-11 से 2017-18 तक लगभग 922 बच्चों की फीस लगभग 3 करोड़ राशि विभाग प्राइवेट स्कूलों को अदा करेगा.

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10 प्रतिशत कोटे की राशि देगा विभाग

शिक्षा निदेशक रूबिन्दरजीत सिंह बराङ ने बताया है कि मार्च 2021 तक स्कूलों को 2017-18 तक का भुगतान किया जाएगा. स्कूलों को कोटे में सिर्फ 10 प्रतिशत सीट का ही भुगतान किया जाएगा. RTI एक्ट के तहत पिछड़े वर्ग के लिए स्कूलों को 25 प्रतिशत कोटा रखना होता है. प्राइवेट स्कूलों को इसके लिए जमीन इत्यादि रियायती दरों पर दो जाती है, इसलिए विभाग सिर्फ 10 प्रतिशत सीटों का ही भुगतान करेगा. बराड़ ने आगे बताया कि 2018-19 और 2019-20 के EWS का बजट विभाग नए वित्तीय वर्ष में तैयार करेगा.

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