गाजीपुर बॉर्डर पर थोड़ी देर में पहुंच सकते हैं जयंत चौधरी, बड़ी संख्या में किसान साथ

गाजीपुर बॉर्डर पर अब किसान आंदोलन जोर पकड़ रहा है। जयंत चौधरी घर से किसान आंदोलन में जाने के लिए रवाना हो चुके हैं। उन्होंने कल शाम को ही राकेश टिकैत से फोन पर बातचीत की थी जिसके बाद वो अपने दिल्ली निवास से निकल चुके हैं। माना जा रहा है कि वो थोड़ी ही देर में गाजीपुर बॉर्डर पहुंच सकते हैं। बताया जा रहा है कि अगर जयंत चौधरी गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचते हैं तो यूपी के कई इलाकों से भारी संख्या में किसान यहां पर जुटेंगे।

तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन 26 जनवरी के बाद कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा था, लेकिन वीरवार की शाम को अचानक यह फिर जोर पकड़ गया। रात को ही भारी संख्या में आंदोलनकारी फिर से गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचने शुरु हो गए।

दरअसल वीरवार की शाम को यूपी के किसान नेता राकेश टिकैत की आंखों से आंसू निकल आए थे। उन्होंने भाजपा सरकार पर साजिश के तहत आंदोलन को खत्म करने के आरोप लगाए थे, उन्होंने किसान को बदनाम करने के आरोप लगाए।

राकेश टिकैत ने रोते रोते कहा था कि जब तक गांवों से पानी नहीं आएगा तब तो वो पानी नहीं पीएंगे। इसी का असर देखा गया और ग्रामीण इलाकों में अचानक की रात को पंचायतें होनी लगी।

हरियाणा यूपी के कई गांवों में लोग रात के साढ़े नौ बजे घरों से बाहर निकले और सड़कों पर आ गए। जींद के कंडेला में किसानों ने तो चंडीगढ़ हाईवे पर जाम लगा दिया। इधर यूपी के मुज्जफरपुर में किसान महापंचायत हुई और किसान वहां से गाजीपुर के लिए रवाना हो गए।

हरियाणा के पलवल, रोहतक, भिवानी, कैथल, जींद से भी सैंकड़ों किसान रात को ही अपने ट्रैक्टर ट्रॉलियां और गाड़ियां लेकर गाजीपुर बॉर्डर के लि रवाना हो गए। सुबह जब तस्वीरें सामने आई तो गाजीपुर बॉर्डर का पूरा नजारा बदला हुआ मिला। कल दोपहर को जहां बॉर्डर खाली दिखने लगा था वहां अब पैर रखने के लिए भी जगह नहीं है।

Leave a Comment