जानिए 13 दिसंबर का इतिहास

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नई दिल्ली । आज का दिन इतिहास की दृष्टि से बहुत भयानक था. जब संसद पर गोलियां बरसी थी. तारीख थी 13 दिसंबर, ठंड का मौसम और बाहर धूप खिली हुई थी. संसद में विंटर सेशन चल रहा था, और महिला आरक्षण बिल पर हंगामा जारी था. इस दिन भी पर चर्चा होनी थी,लेकिन 11:02 बजे संसद को स्थगित कर दिया गया.

 जानिए 13 दिसंबर की पूरी घटना

इसके बाद उस समय के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और विपक्ष की नेता सोनिया गांधी संसद से जा चुके थे. उपराष्ट्रपति कृष्णकांत का काफिला भी वहां से निकलने वाला था. संसद स्थगित होने के बाद वहां गेट नंबर 12 पर सफेद गाड़ियों का जमावड़ा लग गया. इस वक्त तक सब कुछ अच्छा था, लेकिन चंद मिनटों में संसद पर जो हुआ उसके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं होगा.

करीब 11:30 बजे राष्ट्रपति के सिक्योरिटी गार्ड उनके गेट से बाहर जाने का इंतजाम कर रहे थे. और तभी सफेद एबेसडर में सवार पांच आतंकी गेट नंबर 12 से संसद के अंदर घुस गए. उस वक्त सिक्योरिटी गार्ड निहत्थे हुआ करते थे.यह सब देख सिक्योरिटी गार्ड ने उस एम्बेसडर कार के पीछे दौड़ लगा दी. तभी आनन-फानन में आतंकवादियों की कार उपराष्ट्रपति की कार से टकरा गई. उसके बाद आतंकियों ने घबराकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. ऐसा लगा जैसे कि कोई पटाखे फोड़ रहा हो. आतंकियों के पास एके-47 और हैंड ग्रेनेड थे, जबकि सिक्योरिटी गार्ड के पास कुछ भी नहीं था. वे निहत्थे थे.

उस वक्त सदन में कई बड़े नेता मौजूद थे

बता दे कि संसद भवन में अक्सर सीआरपीएफ की एक बटालियन मौजूद रहती है. गोलियों की आवाज सुनकर यह बटालियन अलर्ट हो गई. सीआरपीएफ के जवान दौड़ भाग कर आए. उस वक्त सदन में देश के गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी, प्रमोद महाजन समेत कई बड़े नेता और पत्रकार मौजूद थे.

सभी से संसद के अंदर ही सुरक्षित रहने को कहा गया. इसी समय एक आतंकी ने गेट नंबर 1 से सदन में घुसने का प्रयास किया, लेकिन सिक्योरिटी फोर्स ने उसे वही मार गिराया. इसके बाद उसके शरीर पर लगे बम में भी ब्लास्ट हो गया. बाकी के 4 आतंकियों ने गेट नंबर 4 से सदन में घुसने की कोशिश की थी इनमें से तीन आतंकियों को वही मार दिया गया.इसके बाद वहां बचे हुए आतंकियों ने गेट नंबर 5 से अंदर घुसने की कोशिश की लेकिन वे भी जवानों की गोलियों का शिकार हो गए.

   जानिये,किसने इस साजिश को अंजाम दिया था

इसमें 5 आतंकी तो मर गए, लेकिन संसद हमले की साजिश रचने वाले बच गए थे. संसद हमले के 2 दिन बाद ही 15 दिसंबर 2001 को अफजल गुरु, एसएआर गिलानी अफशान गुरु और शौकत हुसैन को गिरफ्तार कर लिया गया. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने गिलानी और अफशान को बरी कर दिया, लेकिन अफजल गुरु की मौत की सजा को बरकरार रखा. शौकत हुसैन की मौत की सजा को भी घटा दिया और 10 साल की सजा का फैसला सुनाया. 9 फरवरी 2013 को अफजल गुरु को दिल्ली की तिहाड़ जेल में सुबह 8:00 बजे फांसी पर लटका दिया गया. इस पूरे हमले में 9 लोग मारे गए थे, दिल्ली पुलिस के 5 जवान, सीआरपीएफ की एक महिला सिक्योरिटी गार्ड, राज्यसभा के 2 कर्मचारी और एक मालिक की मौत हो गई थी.

13 दिसंबर की महत्वपूर्ण घटनाओं का वर्णन इस प्रकार है

भारत और दुनिया में 13 दिसंबर की महत्वपूर्ण घटनाएं इस प्रकार हैं:

1232: इल्तुतमिश ने ग्वालियर पर कब्जा किया।

1675: सिख गुरु तेग बहादुर जी को दिल्ली में शहीद किया गया।

1772: नारायण राव सतारा के पेशवा बने।

1921: प्रिंस ऑफ वेल्स ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया।

1921: वाशिंगटन सम्मेलन के दौरान अमेरिका, ग्रेट ब्रिटेन, जापान और फ्रांस के बीच फोर पॉवर संधि पर दस्तख्त। इसमें किसी बड़े सवाल पर दो सदस्यों में विवाद होने पर चारों देशों से सलाह करने का प्रावधान किया गया।

1937: जापान की सेना ने चीन के साथ युद्ध के दौरान नानजिंग पर कब्जा कर लिया और नानजिंग नरसंहार को अंजाम दिया, जिसमें तीन लाख से ज्यादा चीनियों को मौत के घाट उतार दिया गया।

1961: भारत के दौरे पर आई इंग्लैंड की टीम के खिलाफ दिल्ली में खेले गए मैच से मंसूर अली खान पटौदी ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की।

1977: माइकल फरेरा ने राष्ट्रीय बिलिय‌र्ड्स चैंपियनशिप में नये नियमों के तहत 1149 अंक का सर्वाधिक ब्रेक लगाया।

1995: दक्षिण लंदन के ब्रिक्सटन में पुलिस हिरासत में एक अश्वेत व्यक्ति की मौत के बाद सैकड़ों श्वेत और अश्वेत युवक सड़कों पर उतर आए और तोड़फोड़ की तथा दुकानों तथा कारों को आग लगा दी।

2003: इराक के राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को गिरफ्तार किया गया

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