हरियाणा में मंडी ट्रांसपोर्टरों को सख्त निर्देश, 48 घंटे में उठान नहीं हुआ तो लगेगा जुर्माना

आगामी रबी सीजन की फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य  (एमएसपी) पर खरीदने के लिए हरियाणा सरकार ने मंडी स्तर की सभी तैयारियां कर ली है। रबी फसलों की खरीद दो चरणों में शुरू होगी।

इस बारे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि गेहूं व सरसों की सरकारी खरीद हरियाणा सरकार एक अप्रैल से शुरू करेगी तथा जौ, चना और दालों की एमएसपी पर खरीद 10 अप्रैल से होगी।

उन्होंने कहा कि अगर किसी ट्रांसपोर्टर ने 48 घंटे में मंडी से फसल का उठान नहीं किया तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा।

डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने रबी की फसलों की खरीद को लेकर खरीद प्रक्रिया से जुड़े उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में खरीद प्रक्रिया को सुगम बनाने और किसानों-आढ़तियों को किसी प्रकार की समस्या न आए, समय पर उठान बारे आवश्यक निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की समस्या किसी भी स्तर पर नहीं आनी चाहिए।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि “मेरी फसल मेरी ब्यौरा” पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाने वाले किसानों का गेहूं,  सरसों,  जौ,  दाल, चना की फसल का एक-एक दाना हरियाणा सरकार एमएसपी पर खरीदेगी।

डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों का जे-फार्म कटने के 48 घंटों के भीतर किसानों के खातों में फसल की राशि पहुंच जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंडियों में पर्याप्त संख्या में झारनों, बारदाने, सिलाई मशीनें सुनिश्चित करें।

डिप्टी सीएम ने कहा कि मंडियों में आई फसलों का उठान समय पर हो, इसके लिए बेहतर व्यवस्था की गई है। उन्होंने ट्रांसपोर्टरों को 48 घंटों के भीतर उठान करने के आदेश दिए गए हैं अन्यथा वे जुर्माना भरने के लिए तैयार रहें। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि अब तक करीब साढ़े सात लाख किसानों ने अपनी फसल बेचने के लिए पंजीकरण करवाया है।

उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल मंडियों में बेचने लाने के लिए अग्रिम सूचित किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि फसलों का समय पर भुगतान हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को किसानों और आढ़तियों के खातों को वैरिफाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

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