हरियाणा : अपने पैसों से खेल सामग्री इकट्ठा कर खेल रहीं मंगाली की 100 से ज्यादा बेटियां, अंतरराष्ट्रीय फलक पर छाईं

हिसार के मंगाली गांव में 100 से ज्यादा बेटियां फुटबाल खेलती हैं। इनमें से कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमक चुकी हैं। अभी हाल ही में दो बेटियों का 2022 में होने वाले अंडर-17 फुटबाल विश्व कप की तैयारियों के लिए लगने वाले राष्ट्रीय शिविर में चयन हुआ है। इन बेटियों में खेल का जुनून इतना है कि ये आपस में रुपये इकट्ठा कर खेल सामग्री जुटाकर अभ्यास करती हैं।  

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हैरानी की बात है कि दो साल से इन बेटियों को खेल विभाग की ओर से खेल सामग्री तक नहीं मिली है। इस समस्या को लेकर जल्द कोच और ग्रामीण जिला खेल अधिकारी से मिलेंगे और मंगाली में खिलाड़ियों को खेल सामग्री दिलवाने की मांग रखेंगे

तीन साल से नियमित कोच भी नहीं

मंगाली के गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सुबह-शाम 100 से ज्यादा बेटियां फुटबाल का अभ्यास करती हैं लेकिन तीन साल से यहां कोई भी फुटबाल का नियमित कोच नहीं है। पहले यहां कोच सुखविंद्र कौर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देती थीं लेकिन उनका यहां से तबादला हो गया। फिलहाल नरेंद्र कुमार ही खिलाड़ियों को फुटबाल का प्रशिक्षण दे रहे हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि उन्हें जल्द से जल्द खेल विभाग की ओर से फुटबाल का सामान मुहैया करवाया जाए।

दो बेटियों का विश्व कप शिविर में चयन


मंगाली की बेटियों ने अपने प्रदर्शन के आधार पर अलग पहचान बनाई है। इन बेटियों ने देश की झोली में पदक डालकर गांव का नाम रोशन किया है। वहीं, दो बेटियों का अंडर-17 फुटबाल विश्व कप की तैयारियों के लिए राष्ट्रीय शिविर में भी चयन हुआ है। इनमें मंगाली की बेटी नेहा और काजल शामिल हैं।
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