अब पुलिस थानों के बनेंगे फेसबुक पेज, जनता से सीधे जुड़ेंगे पुलिसकर्मी

Now, police stations will be built on Facebook pages, policemen
Now, police stations will be built on Facebook pages, policemen

फरीदाबाद । जिले में हर पुलिस स्टेशन का अपना एक फेसबुक पेज होगा. इस फेसबुक पेज के जरिए पुलिसकर्मी अपने एरिया के नागरिकों के साथ सीधे कांटेक्ट में आ पाएंगे. पोस्ट के माध्यम से पुलिस नागरिकों को अपनी उपलब्धियां बताएगी, फेसबुक पर पोस्ट के माध्यम से नागरिकों की शिकायतें और सुझाव भी लिए जाएंगे.

इसके लिए बुधवार को पुलिस आयुक्त ओपी सिंह ने सभी एसीपी और डीसीपी के साथ हुई मीटिंग में निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि नागरिकों के साथ संवाद के लिए फेसबुक एक बहुत ही बढ़िया जरिया हो सकता है. उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पुलिस स्टेशन के फेसबुक पेज बनाने का कार्य जल्दी पूरा किया जाए.

फेसबुक पर लाइव आकर लोगों से करेंगे संवाद

पुलिस आयुक्त के अनुसार आज के समय में शायद ही कोई ऐसा युवा होगा जो फेसबुक से जुड़ा हुआ ना हो. फेसबुक पेज के जरिए पुलिस लोगो की शिकायतें और सुझाव भी आमंत्रित करेगी. इस फेसबुक पेज को नियमित रूप से थाना पुलिस की ओर से अपडेट भी किया जाएगा. पुलिस जरूरी जानकारियां और अपनी उपलब्धियां फेसबुक पेज पर साझा करेंगी. लोगों को साइबर ठगी, चोरी जैसी असामाजिक गतिविधियों से बचने के लिए फेसबुक पेज पर जागरूक किया जाएगा. समय-समय पर थाना प्रभारी फेसबुक पेज पर लाइव भी आएंगे और लोगों से संवाद करेंगे. लोगों के प्रश्नों के उत्तर दिए जाएंगे.

ट्विटर पर भी पहले से है एक्टिव

फेसबुक के साथ-साथ ट्विटर पर भी सक्रिय रहने के लिए पुलिस आयुक्त ओपी सिंह ने सभी चौकियों व थाना प्रभारियों को आदेश दिए हैं. अब अधिकतर चौकी थाना प्रभारी ट्विटर पर एक्टिव है. फरीदाबाद पुलिस का स्वयं का ट्विटर अकाउंट भी है. इस अकाउंट को समय-समय पर अपडेट किया जाता है.

लोगों को जागरूक करने और पुलिस की उपलब्धियां गिनाने के लिए इस ट्विटर अकाउंट का इस्तेमाल किया जाता है. फरीदाबाद पुलिस के ट्विटर अकाउंट के 30,000 से ज्यादा फॉलोअर है. पुलिस द्वारा सुधार हेतु इस प्रकार के कदमों का पूर्ण स्वागत होना चाहिए. लोगों से जुड़ने के लिए तकनीकी युग में इंटरनेट और सोशल मीडिया एक बहुत अच्छा तरीका है.

कई बार लोगों के पास ऐसी शिकायतें व सुझाव होते हैं जिससे पूरे क्षेत्र का भला हो सकता है. परंतु चौकी और थाने में जाकर इस बारे में बात करने से लोग कतराते हैं. यदि उन्हें अपनी बातों को फेसबुक पर रखने का मौका मिलेगा तो इसके सकारात्मक परिणाम होंगे. -अंशुल मंगला, सेक्टर-55

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