जून से पहले नहीं होंगे पंचायत चुनाव

पंचकुला | वर्तमान स्थिति की बात करें तो अब प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल फरवरी माह की 24 तारीख़ को पूरा हो जाएगा. ऐसे में चुनाव की तैयारियां जोरो शोरो से चल रही हैं. अब अगर गहनता से इस मामले पर विचार किया जाए तो लगभग 200 नई पंचायतों का गठन अभी और होना है, जिन पंचायतों का अभी गठन होना है उन सभी पंचायतों की फाइल को पंचायत विभाग की ओर से राज्य सरकार को भेज दिया गया है.

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ऐसे में अब मंजूरी के बाद वार्ड बंदी का काम शुरू किया जा सकता है. यह काम कब तक पूरा हो सकता है, इसे लेकर विभाग के पास कोई भी जवाब नहीं है. अब केवल कयास लगाए जा रहे हैं कि वार्ड बंदी में देरी होने की वजह से चुनाव तय किए गए निर्धारित समय पर नहीं आयोजित होंगे. किन्तु, डिप्टी सी एम व पंचायत राज मंत्री दुष्यंत चौटाला जी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि चुनाव तय किए गए समय पर ही आयोजित होंगे. फिलहाल, वार्ड बंदी करने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा.

वहीं, राज्य चुनाव आयुक्त दिलीप सिंह जी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि वे एक सप्ताह तक हिमाचल प्रदेश में हुए पंचायती राज के चुनाव देखने के लिए गए थे कि वहां कोरोना काल में किस प्रकार से चुनाव आयोजित हुए हैं. वहां उन्होंने इस पुरी प्रक्रिया को अच्छे से देखा है. हालांकि, अब हरियाणा में नगर निकाय चुनाव आयोजित हाे चुके हैं.

हाई कोर्ट में चुनौती, महिलाओं के अधिकार का हो रहा है हनन

अब पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के कानून को हाई कोर्ट में चुनौती दी जा चुकी है. इसके अतिरिक्त पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल भी इस मामले को लेकर सवाल उठा चुके हैं. ऐसे में उनका कहना है कि पहले महिलाओं को सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का अधिकार था. किंतु अब वे 50 प्रतिशत पर ही चुनाव लड़ सकतीं हैं. यह केवल उनके अधिकारों का हनन है.

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