नहरों में 3 दिन ही और चलेगा पानी, टैंक 90 फीसदी खाली शहर में फिलहाल नियमित नहीं हो पाएगी पेयजल सप्लाई

जिले की नहरों में 20 मार्च को आया था पानी, लेकिन डिमांड से 50 प्रतिशत कम, बमुश्किल गांवों के वाटर टैंक ही भर पाए हैंगर्मी में अगर पेयजल संकट से बचना है तो नगरवासियों को पानी की एक-एक बूंद की बचत करनी होगी। नहीं तो अप्रैल महीने में उन्हें पानी की एक घूंट के लिए भी मोहताज रहना पड़ सकता है, क्योंकि जिले की नहरों में पिछले पांच दिन से पानी चल रहा है और शहर में जलघर के टैंकों में अभी दस प्रतिशत भी पानी जमा हो पाया है।

ऐसे हालातों में जनस्वास्थ्य विभाग के लिए नियमित पेयजल सप्लाई जारी रखना मुश्किल हो रहा है। जिले की नहरों में 20 मार्च को सुबह पानी पहुंचा था लेकिन इस बार डिमांड से 50 प्रतिशत कम पानी पहुंचा। यहां तक दो दिन नहरों में 700 से 900 क्यूसेक तक ही पानी पहुंचा था।

दो दिन बाद नहरों में पानी का स्तर 1100 क्यूसेक तक पहुंचा और बुधवार को 1300 क्यूसेक पानी पहुंचा। इसके बावजूद क्षेत्र में अभी भी पेयजल संकट बना हुआ है क्योंकि शहर के जलघर के टैंक अभी भी 90 प्रतिशत तक खाली है और नहरों में केवल तीन दिन और पानी चलेगा

पेयजल संकट काे लेकर नारेबाजी

बुधवार को पेयजल संकट की समस्या को लेकर दादरी गेट क्षेत्र व दादरी गेट हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के निवासियों ने प्रदर्शन किया। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्र के निवासी जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मिले। स्थानीय निवासी अनूप यादव, रतन सिंह, विशंभर, उमेश कुमार, ज्ञानीराम, आशु, मीनू, शालू आदि ने बताया कि दादरी गेट क्षेत्र के आसपास, रामगंज मोहल्ला, यादव गली, कुम्हारों की गली आदि 500 घरों में एक महीने से पेयजल संकट बना हुआ है। यहां नई लाइन डाली गई लेकिन कनेक्शन नहीं किए गए। लोग एक महीने से एक हजार रुपये प्रति टैंकर पानी खरीद रहे हैं।

हनुमान गेट, हनुमान ढाणी, पिपली वाली जोहड़ी आदि क्षेत्रों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है। इसके चलते उक्त क्षेत्रों में पेयजल संकट बना हुआ है। नागरिकों ने बुधवार को नारेबाजी की और प्रशासन से पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाने की मांग की है। स्थानीय निवासियों ने कहा कि दो-तीन दिन में एक दिन पांच से 10 मिनट के लिए ही सप्लाई आती है। उन्होंने पेयजल आपूर्ति सुचारू करने की मांग की है।

शहर के जलघर के टैंकों में जुई कैनाल से आपूर्ति की जाती है है। जलघर के पुराने जलघर के टैंकों में केवल ढाई दिन पानी ही चला था। बुधवार को जुई नहर में पानी लगभग बंद कर दिया गया है। जुई नहर में अब केवल 250 क्यूसेक ही पानी चल रहा है।

अब गुरुवार को पुराने जलघर के टैंकों में पानी छोड़ा जाएगा। इसके बावजूद पुराना जलघर, निनान व डाबर जलघर के टैंक इस बार पूरी तरह से शायद पानी से नहीं भर पाएंगे, क्योंकि तीन दिन बाद नहरों में पानी बंद हो जाएगा। नहरों के लिए अतिरिक्त दिन पानी छोड़ा जाता है तो तीनों टैंक लबालब हो सकते हैं।

क्या है नहरों में पानी का स्टेटस

  • जिले की नहरों में 20 मार्च काे सुबह पानी पहुंचा था।
  • डिमांड 2200 क्यूसेक की थी और पहले दिन पानी 800 क्यूसेक पहुंचा। दो दिन नहरों में पानी 700 से 900 क्यूसेक तक पहुंचा था।
  • 22 व 23 मार्च को नहरों में 1100 क्यूसेक पानी चला। बुधवार को बढ़कर 1300 क्यूसेक पानी पहुंचा है।
  • जुई व निगाना फीडर में पहले 8-8 दिन एक साथ नहरी पानी चलता था लेकिन इस बार दोनों फीडर में 4-4 दिन ही पानी छोड़ा गया है।
  • जुई व निगाना फीडर में इस बार 4-4 दिन पानी कम छोड़ा गया है।
  • सुंदर ब्रांच में मंगलवार को पानी छोड़ा गया है।

27 मार्च तक चलेगा पानी

नहरों में मांग से कम पानी आया है लेकिन बुधवार को नहरों में पानी का स्तर बढ़कर 1300 क्यूसेक हो गया है। ग्रामीण क्षेत्र में अधिकतर जलघर के टैंकों को भर दिया गया है। शहर के जलघरों के टैंकों में पानी चल रहा है। 27 मार्च तक पानी चलेगा।” –अमित कुमार, एसडीओ, सिंचाई विभाग।

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