शिक्षा बोर्ड पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर कर्मियों ने की नारेवाजी, सरकार को कोसा

भिवानी : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड कर्मचारी संगठन सम्बद्ध सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर 26 नवंबर की राष्ट्रव्यापी हड़ताल व अपने ज्वलंत मांग और मुदों को लेकर शिक्षा बोर्ड परिसर में द्वार सभा का आयोजन प्रधान सुभाष कौशिक की अध्यक्षता हुआ। संचालन महासचिव सतबीर स्वामी ने किया।

सुभाष कोशिक ने बोर्ड प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा लगातार कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। लिपिक से सहायक पद पर पदोन्नति की शर्त में तीन वर्ष से पाँच वर्ष किया जा रहा है। एसईटीसी में नव नियुक्त लिपिकों पर हिंदी व अंग्रेजी दौनों भाषाओं में टंकण परी्षा पास करने की शर्त थोंपते हुए सरकार के नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं।

वित्त सचिव देवेंद्र योण ने कहा कि काफी वर्षों से बोर्ड में कार्यरत डाटा एन्ट्री आपरेटर कर्मंचारियों को पक्का किया जाए तथा पक्का किये जाने तक समान काम समान वेतन व सेवा सुरक्षा की गारन्टी तय की जाए। संगठन लगातार प्रशासन व सरकार को माँगपत्र भेजकर समस्याओं का समाधान करने की अपील कर रहा है, लेकिन किसी भी प्रकार की।

कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब आंदोलन के अलावा कर्मचारियों के पास और कोई रास्ता नहीं है।

महासचिव सतबीर स्वामी ने कहा कि सरकार राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को सीबीएसई बोर्ड से संबद्धता के निणर्य को रद्द किया जाए। बोर्ड में सभी प्रकार के रिक्त पदों पर शीघ्र पदोन्नति की जाए। कर्मचारियों, अधिकारियों के पेंशन नियमों की हरियाणा सरकार से स्वीकृति दिलवाई जाए। लिपिक पर पदोन्नति के लिए लगाई जा रही। पांच साल की सेवा शर्तों का समाधान नहीं किया तो आंदोलन किया जाएगा।

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